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सुनील गावस्कर ने दिया बयान, कहा- अश्विन का चयन विश्व कप टीम में सिर्फ सांत्वना देने के लिए हुआ


फोटो - सोसल मीडिया

टी-20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का एलान बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने कर दिया है। चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले आर अश्विन चर्चा का विषय रहे। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चार टेस्ट मैचों में टीम इंडिया के अनुभवी स्पिनर अश्विन को किसी भी मैच की प्लेइंग इलेवन शामिल नहीं किया गया था। लेकिन विश्व कप की 15 सदस्यीय टीम में उनके चयन ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। अब अश्विन के विश्व कप टीम में चयन को लेकर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बयान दिया है। 


चार साल बाद हुई अश्विन की टी-20 टीम में वापसी


टी-20 क्रिकेट सीरीज में आर अश्विन की चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी हुई है। उन्होंने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जमैका में खेला था। टीम में उनकी वापसी के बाद से क्रिकेट फैंस उन्हें नीली जर्सी में देखने के लिए बेताब हैं। लेकिन भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर को लगता है कि शायद ही उन्हें विश्व कप की प्लेइंग इलेवन में मौका मिले। 


सांत्वना देने के लिए हुआ विश्व कप टीम में चयन


मीडिया से बात करते हुए 15 सदस्यीय भारतीय विश्व कप टीम के बारे में उन्होंने कहा, अश्विन का चयन सिर्फ 'सांत्वना कप' के लिए किया गया है। गावस्कर का मानना है कि चयनकर्ताओं ने उऩ्हें सिर्फ सांत्वना देने के लिए विश्व कप दल में शामिल किया है। क्योंक उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने के का मौका नहीं मिला था। गावस्कर ने कहा, अश्विन की वापसी अच्छी बात है, हमें इसका इंतजार करना होगा कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है या नहीं, आपने उनका 15 सदस्यीय टीम में चयन किया है, इससे पहले वह इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किए गए थे लेकिन अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला। इसलिए उनकी निराशा कम करने और उन्हें सांत्वना देने के लिए विश्व कप टीम में शामिल किया गया है। 


धोनी के अनुभव का टीम को मिलेगा फायदा


आर अश्विन के अलावा जब उनसे एमएस धोनी को टीम का मेंटोर बनाये जाने के बारे में पूछा गया तो इस सवाल  के जवाब में सुनील गावस्कर ने कहा, धोनी को टीम का मेंटोर बनाने का लाभ भारत को टूर्नामेंट के दौरान मिलेगा। उन्होंने कहा, एमएस धोनी को टीम का मेंटोर बनाए जाना अश्विन के चयन से कहीं बड़ी बात है, वह 2007 और 2011 में भारत की कप्तानी करते हुए विश्व कप जीत चुके हैं, यदि वह भारतीय कैंप में हैं तो इसका लाभ टीम को मिलेगा। 

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